रेस्टोरेंट बिल › सर्विस चार्ज के नियम
रेस्टोरेंट बिल पर सर्विस चार्ज
कई रेस्टोरेंट हर बिल पर 5 से 10% सर्विस चार्ज जोड़ते थे। अब यह अपने आप नहीं जोड़ा जा सकता।
नियम क्या कहते हैं
सेंट्रल कंज़्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) ने 4 जुलाई 2022 को गाइडलाइन जारी कीं। संक्षेप में:
- होटल या रेस्टोरेंट बिल में सर्विस चार्ज अपने आप या डिफ़ॉल्ट से नहीं जोड़ सकता।
- इसे किसी दूसरे नाम से नहीं ले सकता।
- मेहमान पर इसे देने का दबाव नहीं डाल सकता, न न देने पर प्रवेश या सर्विस रोक सकता है।
- मेहमानों को साफ़ बताना होगा कि सर्विस चार्ज देना उनकी मर्ज़ी है।
- मेहमान की मर्ज़ी के बिना सर्विस चार्ज जोड़कर फिर कुल पर GST नहीं लिया जा सकता।
28 मार्च 2025 को दिल्ली हाई कोर्ट ने ये गाइडलाइन सही ठहराईं और कहा कि सर्विस चार्ज और टिप मर्ज़ी के भुगतान हैं जिन्हें खाने के बिल पर ज़रूरी नहीं बनाया जा सकता।
मेकर इसे कैसे संभालता है
सर्विस चार्ज डिफ़ॉल्ट से बंद है। "सर्विस चार्ज जोड़ें" सिर्फ़ तब टिक करें जब मेहमान मान गया हो, और प्रतिशत लिखें। यह डिस्काउंट के बाद खाने की वैल्यू पर निकलता है। जब GST लागू हो, सर्विस चार्ज पर भी GST लगता है, क्योंकि यह आपकी सर्विस की वैल्यू का हिस्सा बन जाता है।
टिप
मेहमान का स्टाफ़ के लिए कैश में छोड़ा टिप आपके बिल का हिस्सा नहीं है। अगर बिल में टिप की लाइन जोड़ते हैं, तो इसे सर्विस चार्ज की तरह मानें: सिर्फ़ मेहमान की सहमति से।
अच्छे तरीके
- मेन्यू पर हर ज़रूरी चार्ज सहित दाम दिखाएं।
- टिप का सुझाव देना हो तो मेन्यू या टेबल कार्ड पर मर्ज़ी का बताकर दें।
- स्टाफ़ को सिखाएं कि मेहमान कहे तो सर्विस चार्ज तुरंत हटाएं।